PPF यानी पब्लिक प्रोविडेंट फंड — भारत की सबसे भरोसेमंद और लोकप्रिय बचत योजनाओं में से एक। इसमें सरकार की गारंटी है, ब्याज टैक्स-फ़्री है, और लंबे समय में अच्छा पैसा जुड़ता है। इस लेख में आसान भाषा में समझेंगे — PPF है क्या, कितना ब्याज मिलता है, टैक्स में क्या फ़ायदा है, और खाता कैसे खोलें।
ब्याज दर 7.1% सालाना (सरकार हर तिमाही तय करती है) · लॉक-इन 15 साल · सालाना ₹500 से ₹1.5 लाख तक जमा · ब्याज और मैच्योरिटी दोनों टैक्स-फ़्री (EEE) · सरकार की पूरी गारंटी।
PPF एक लंबी अवधि की सरकारी बचत योजना है, जिसे 1968 में शुरू किया गया था। इसमें आप हर साल थोड़ा-थोड़ा पैसा जमा करते हैं, जिस पर सरकार तय ब्याज देती है। सबसे बड़ी बात — यह पूरी तरह सुरक्षित है क्योंकि इसमें सरकार की गारंटी होती है, और इसका ब्याज शेयर बाज़ार की तरह ऊपर-नीचे नहीं होता।
अभी PPF की ब्याज दर 7.1% सालाना है, जो हर साल कंपाउंड होती है। यह दर सरकार (वित्त मंत्रालय) हर तिमाही तय करती है। ख़ास बात यह है कि यह दर अप्रैल 2020 से लगातार 7.1% पर स्थिर है — यानी काफ़ी भरोसेमंद रही है। हर बैंक और पोस्ट ऑफ़िस में एक ही दर मिलती है, क्योंकि यह केंद्र सरकार की योजना है।
PPF को "EEE" दर्जा मिला है, जिसका मतलब है तीन जगह टैक्स छूट:
यही तीन-तरफ़ा छूट PPF को FD जैसी योजनाओं से अलग और आकर्षक बनाती है, क्योंकि FD का ब्याज टैक्सेबल होता है।
| बात | नियम |
|---|---|
| न्यूनतम जमा | ₹500 प्रति वर्ष |
| अधिकतम जमा | ₹1.5 लाख प्रति वर्ष |
| लॉक-इन अवधि | 15 साल (फिर 5-5 साल बढ़ा सकते हैं) |
| ब्याज दर | 7.1% सालाना (तिमाही समीक्षा) |
| आंशिक निकासी | 7वें साल से मुमकिन |
| लोन सुविधा | 3rd से 6th साल तक |
PPF का ब्याज हर महीने की 5 तारीख़ और महीने के आख़िर के बीच की सबसे कम रकम पर गिना जाता है। इसलिए अगर आप महीने की 5 तारीख़ से पहले पैसा जमा करते हैं, तो आपको उस पूरे महीने का ब्याज मिलता है। साल की शुरुआत में (अप्रैल) एकमुश्त जमा करने से सबसे ज़्यादा ब्याज बनता है।
PPF उनके लिए सबसे अच्छा है जो लंबे समय के लिए बिना किसी जोखिम के पैसा जोड़ना चाहते हैं — जैसे रिटायरमेंट, बच्चों की पढ़ाई या शादी के लिए। अगर आप बाज़ार का जोखिम नहीं चाहते और टैक्स-फ़्री, गारंटीड रिटर्न चाहते हैं, तो PPF बढ़िया विकल्प है। हालाँकि, अगर आप ज़्यादा रिटर्न चाहते हैं और थोड़ा जोखिम ले सकते हैं, तो SIP जैसे विकल्प लंबे समय में ज़्यादा दे सकते हैं (पर गारंटी नहीं)। कई लोग दोनों में थोड़ा-थोड़ा रखते हैं।
अभी 7.1% सालाना है, जो अप्रैल 2020 से स्थिर है। सरकार इसे हर तिमाही तय करती है, इसलिए यह भविष्य में बदल सकती है।
एक साल में कम-से-कम ₹500 और ज़्यादा-से-ज़्यादा ₹1.5 लाख। इससे ज़्यादा जमा करने पर उस पर ब्याज नहीं मिलता।
पूरा पैसा आम तौर पर 15 साल बाद ही मिलता है। पर 7वें साल से आंशिक निकासी की जा सकती है, और गंभीर बीमारी या उच्च शिक्षा जैसी स्थिति में कुछ छूट है।
PPF का ब्याज पूरी तरह टैक्स-फ़्री (EEE) है और लॉक-इन 15 साल का है। FD का ब्याज टैक्सेबल होता है पर अवधि लचीली है। लंबे, टैक्स-फ़्री बचत के लिए PPF बेहतर माना जाता है।
हाँ, PPF में केंद्र सरकार की गारंटी होती है, इसलिए इसे सबसे सुरक्षित बचत विकल्पों में से एक माना जाता है। इसमें बाज़ार का जोखिम नहीं है।
यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, वित्तीय सलाह नहीं। PPF ब्याज दर हर तिमाही बदल सकती है; ऊपर दी जानकारी नवीनतम उपलब्ध दर (7.1%) पर आधारित है। ताज़ा दर के लिए बैंक/पोस्ट ऑफ़िस या सरकारी वेबसाइट देखें।