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टैक्स कैसे बचाएं — Income Tax Bachane ke Tarike (FY 2026-27)

इस गाइड में: टैक्स कैसे बचाएं (tax kaise bachaye), new tax regime me tax kaise bachaye, income tax kaise bachaye — सभी सवालों के जवाब Hindi और English दोनों में।

हर साल टैक्स भरते समय यही सवाल आता है — टैक्स कैसे कम करें? अच्छी ख़बर यह है कि सरकार ने नए नियमों में बड़ी राहत दी है। अब नई टैक्स रिजीम में ₹12 लाख तक की कमाई पर ज़ीरो टैक्स हो सकता है। इस लेख में आसान भाषा में समझेंगे — कौन-सी रिजीम चुनें, कैसे टैक्स बचाएँ, और क्या-क्या छूट मिलती है।

Written by Sagar Kumar
Last updated: 21 August 2026

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⚡ सबसे बड़ा बदलाव (FY 2025-26):

नई टैक्स रिजीम में अब ₹12 लाख तक की टैक्सेबल इनकम पर टैक्स ज़ीरो है (सेक्शन 87A (renumbered as Section 157 under the Income Tax Act, 2025) रिबेट के कारण)। और नौकरीपेशा लोगों को ₹75,000 का स्टैंडर्ड डिडक्शन अलग से मिलता है — यानी लगभग ₹12.75 लाख तक की सैलरी टैक्स-फ़्री हो सकती है।

पहले समझें — दो टैक्स रिजीम हैं

भारत में अब दो टैक्स सिस्टम हैं, और आप हर साल इनमें से एक चुन सकते हैं:

कौन-सी बेहतर है, यह आपकी छूट (deductions) पर निर्भर करता है — नीचे समझाया है।

नई रिजीम के टैक्स स्लैब (FY 2025-26)

टैक्सेबल इनकमटैक्स दर
₹0 – ₹4 लाख0%
₹4 – ₹8 लाख5%
₹8 – ₹12 लाख10%
₹12 – ₹16 लाख15%
₹16 – ₹20 लाख20%
₹20 – ₹24 लाख25%
₹24 लाख से ऊपर30%

नोट: ₹12 लाख तक टैक्स स्लैब से बनता ज़रूर है, पर सेक्शन 87A रिबेट (₹60,000 तक) के कारण असल में टैक्स ज़ीरो हो जाता है। इसके ऊपर टैक्स सामान्य स्लैब से लगता है। हर टैक्स पर 4% सेस अलग से।

ओल्ड रिजीम — छूट वालों के लिए

ओल्ड रिजीम में स्लैब पुराने हैं (₹2.5 लाख तक छूट, फिर 5%, 20%, 30%), पर इसमें कई डिडक्शन मिलते हैं। यह उनके लिए बेहतर है जिनके पास बहुत सारी छूट हों — जैसे होम लोन, ज़्यादा 80C निवेश, HRA। ओल्ड रिजीम में ₹5 लाख तक की टैक्सेबल इनकम पर 87A रिबेट (₹12,500) से टैक्स ज़ीरो रहता है।

टैक्स बचाने के मुख्य तरीके (ओल्ड रिजीम में)

1. सेक्शन 80C — ₹1.5 लाख तक

सबसे लोकप्रिय छूट। इसमें आते हैं — PPF, EPF, ELSS म्यूचुअल फंड, जीवन बीमा प्रीमियम, बच्चों की ट्यूशन फ़ीस, होम लोन का प्रिंसिपल, 5-साल की टैक्स-सेविंग FD। कुल मिलाकर ₹1.5 लाख तक की छूट।

2. सेक्शन 80D — हेल्थ इंश्योरेंस

अपने और परिवार के हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर ₹25,000 तक (माता-पिता सीनियर सिटिज़न हों तो अतिरिक्त ₹50,000 तक) की छूट।

3. होम लोन का ब्याज (सेक्शन 24b)

घर के लोन के ब्याज पर ₹2 लाख तक की छूट (खुद रहने वाले घर के लिए)।

4. HRA — किराए पर छूट

अगर आप किराए के घर में रहते हैं और सैलरी में HRA मिलता है, तो नियम के अनुसार छूट मिल सकती है।

5. NPS — अतिरिक्त ₹50,000 (सेक्शन 80CCD-1B)

नेशनल पेंशन सिस्टम में निवेश पर 80C के ऊपर अतिरिक्त ₹50,000 तक की छूट।

💡 कौन-सी रिजीम चुनें?

आसान नियम: अगर आपकी छूट (80C + 80D + होम लोन + HRA) मिलाकर कम है, तो न्यू रिजीम बेहतर है (कम दरें, ₹12 लाख तक ज़ीरो टैक्स)। अगर आपके पास होम लोन और भारी निवेश हैं, तो ओल्ड रिजीम फ़ायदेमंद हो सकती है। दोनों में टैक्स जोड़कर तुलना करें — कैलकुलेटर से यह आसान है।

दोनों रिजीम में अपना टैक्स जोड़कर तुलना करें।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या सच में ₹12 लाख तक कोई टैक्स नहीं?

हाँ, FY 2025-26 में नई रिजीम के तहत ₹12 लाख तक की टैक्सेबल इनकम पर सेक्शन 87A रिबेट से टैक्स ज़ीरो हो जाता है। नौकरीपेशा को ₹75,000 स्टैंडर्ड डिडक्शन अलग से मिलता है, यानी लगभग ₹12.75 लाख सैलरी तक टैक्स-फ़्री।

न्यू और ओल्ड रिजीम में क्या फ़र्क़ है?

न्यू रिजीम में दरें कम पर छूट नहीं मिलतीं। ओल्ड रिजीम में दरें ज़्यादा पर 80C, 80D, HRA, होम लोन जैसी कई छूट मिलती हैं। जिसके पास ज़्यादा छूट हैं उसके लिए ओल्ड, बाक़ी के लिए न्यू अक्सर बेहतर।

80C में क्या-क्या आता है?

PPF, EPF, ELSS, जीवन बीमा, बच्चों की ट्यूशन फ़ीस, होम लोन प्रिंसिपल, टैक्स-सेविंग FD — कुल ₹1.5 लाख तक की छूट। यह सिर्फ़ ओल्ड रिजीम में मिलती है।

क्या हर साल रिजीम बदल सकते हैं?

नौकरीपेशा लोग आम तौर पर हर साल ITR भरते समय रिजीम चुन सकते हैं। बिज़नेस इनकम वालों के लिए नियम थोड़े अलग हैं।

सेस क्या होता है?

कुल टैक्स पर 4% हेल्थ एंड एजुकेशन सेस लगता है, जो दोनों रिजीम में लागू होता है।

यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है, टैक्स सलाह नहीं। टैक्स नियम हर बजट में बदल सकते हैं; ऊपर दी जानकारी FY 2025-26 (AY 2026-27) पर आधारित है। अपनी स्थिति के अनुसार किसी योग्य टैक्स सलाहकार या CA से सलाह लें।

Official sources: आयकर विभाग